गजल:- अच्छा नहीं लगता
*'अच्छा नहीं लगता'*
तेरे घर ये ताला अच्छा नहीं लगता
तेरा चले जाना अच्छा नहीं लगता
तुम छत पर कुछ देर रुका तो करो
आकर चले जाना अच्छा नहीं लगता
जो तुम रूठकर यूँ दूर बैठ जाते हो
तेरा मुँह फुलाना अच्छा नहीं लगता
जब मैं किसी दोस्त से बात करूं तो
तेरा आँख दिखाना अच्छा नहीं लगता
रजा क्या है दिल की अब बता भी दो
मुझसे छुपाना अच्छा नहीं लगता
अनुभव पत्रिका मई 2020 अंक में प्रकाशित
:- *ओम प्रकाश लववंशी संगम*
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