गजल:- नया सफर
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विधा - ग़ज़ल
शीर्षक- नया सफ़र
फ़िर से शुरु नया सफ़र कर रहा हूँ
इस तरह खत्म दिसंबर कर रहा हूँ
खूब हुई दोस्ती,इश्क,महोब्बत की बातें
सालभर की बातें रिमेंबर कर रहा हूँ
मेरे अपनों से मैं माफ़ी मांग रहा हूँ
इस तरह मुकम्मल दिसंबर कर रहा हूँ
सालभर की सब गलतियाँ सुधार कर
खुद को गुड बेस्ट से बेटर कर रहा हूँ
ख्वाबों खयालों मे हर वक्त याद किया हैं
अब तेरी नजरों मे लव लेटर कर रहा हूँ
इतनी सर्द रातें हैं पानी बर्फ़ हो गया
मैं बर्फ़ मे खुद को हीटर कर रहा हूँ
खुद ही खुद को इश्क पढ़ाकर 'संगम'
खुद को ही इश्क का टीचर कर रहा हूँ
लेखक परिचय
नाम - ओम प्रकाश लववंशी 'संगम'
अनुभव पत्रिका नवम्बर दिसम्बर 2019 अंक में प्रकाशित
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