उसके शहर की

विधा- ग़ज़ल
शीर्षक- उसके शहर की 


कुछ तो ख़ास बात हैंं उसके शहर की
बहुत याद आती हैं    उसके शहर की

अब मेरा उधर जाना नहीं होता हैं
कोई तो खबर दो  उसके शहर की

कब कहाँ किधर से वो आती जाती हैं
हर गली याद हैंं यार उसके शहर की

कभी तो वो टकरा भी जाती हैं मुझसे
गलियां सकड़ी हैंं यार उसके शहर की

इक रात गया था मिलने खिड़की से
मुझे पुलिस ढूंढ़ रही हैं उसके शहर की

ख़ास चर्चे हैं  'संगम' की महोब्बत के 
घर घर,गली गली में उसके शहर की


लेखक परिचय 

नाम - ओम प्रकाश लववंशी'संगम'
अनुभव पत्रिका अगस्त 2019 में प्रकाशित

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