तुम मिले

तुम मिले:



तुम मिले
और
मेरी जिंदगी में आ गये,
मैं तुम्हारे लिए ही
स्टेटस लगाता हूँ
ताकि तुम
मेरी फीलिंग को समझ सके,
तुम कहीं बार मेरे मैसेज को
अनदेखा करते हो,
फिर भी मैं तुम्हें
मैसेज करता हूँ,
तुम बिना गुड नाईट किये
सो जाते हो,
फिर भी मैं
गुड नाइट बोलता हूँ !
और सुबह जब तुम उठते हो
तो हमेशा मेरा गुड मॉर्निंग
वाला मैसेज मिलता है,
फिर तुम इसका
जवाब भी देते हो !
Dear crush
अब तो समझो -ना
क्या अब भी नादान हो ?
शायद तुम्हें तो
तड़पा कर मजा आता होगा,
शायद तुम अनजान हो अभी
मैंने अपना बना लिया तुमको,
तुम इसे वन साइड लव मानो
या पागलपन समझो!
पर मैं सच कह रहा हूँ
अपना मानता हूं तुमको. . ! !
परिचय 
नाम- ओम प्रकाश लववंशी
साहित्यिक उपनाम- ‘संगम’
वर्तमान पता- कोटा (राजस्थान )
राज्य- राजस्थान 
शहर- कोटा 
शिक्षा-  बी.एस. टी. सी. , REET 2015/2018, CTET, RSCIT, M. A. हिन्दी , B. Ed. 
कार्यक्षेत्र- अध्ययन, लेखन, 
विधा -मुक्तक, कविता , कहानी , गजल, लेख, निबंध, डायरी 

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